मौका परस्त
अपनी बलाएँ सारी औरों पे टालता है , मौका परस्त, अपना मतलब निकालता है। हो उसका स्वार्थ जिसमें, वह आज ही करेगा…
अपनी बलाएँ सारी औरों पे टालता है , मौका परस्त, अपना मतलब निकालता है। हो उसका स्वार्थ जिसमें, वह आज ही करेगा…
शाम की रंगीनियाँ बाद-ए-सबा तक ले गया ज़ख्म देकर बेवफाई का दवा तक ले गया ख़्वाब देखे थे ह…